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Chai Vikas Yojana 2023-24: चाय की खेती करने पर पाएं 50 से 90% सब्सिडी, जानें आवेदन प्रक्रिया

Chai Vikas Yojana:- बिहार सरकार द्वारा राज्य के किसानो को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक के बाद एक विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। ताकि किसानो का आर्थिक विकास हो सके। ऐसी ही एक योजना प्रदेश के चाय उत्पादक किसानो को लिए शुरू की गई है। जिसका नाम चाय विकास योजना है। Bihar Chai Vikas Yojana 2023 के माध्यम से चाय उत्पादन किसानो को चाय की खेती करने पर 50 से 90% सब्सिडी दी जाएगी। जिससे किसानो को चाय के उत्पादन मे सहायता मिलेगी। और राज्य मे चाय के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही किसान को नई तकनिकी का लाभ भी प्राप्त हो सकेगा।

अगर आप भी बिहार मे चाय की खेती करते है और सब्सिडी प्राप्त करना चाहते है तो आपको ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आज हम आपको अपने इस लेख मे चाय विकास योजना से सम्बन्धित सभी महत्वपूर्ण जानकारी देने जा रहे है। अधिक जानकारी के लिए इस लेख को विस्तारपूर्वक अन्त तक अवश्य पढ़े।

Chai Vikas Yojana

Chai Vikas Yojana 2023-24

बिहार सरकार द्वारा चाय उत्पादक किसानो के लिए चाय विकास योजना को शुरू किया गया है। इस योजना के माध्यम से चाय की खेती करने वाले किसानो को 50 से 90% तक सब्सिडी दी जाएगी। चाय विकास योजना के तहत चाय क्षेत्र विस्तार किंशनगंज जनपद मे साल 2023-24 मे कार्यान्वयन किया जाएगा। चाय क्षेत्र विस्तार के लिए किसानो को स्वंय चाय के पौधे रोपण का सामान खरीदना होगा। इसके बाद ही चाय की खेती करने वाले किसानो को देय अनुदान 75:25 के अनुसार दो किस्तो मे दिया जाएगा। बिहार सरकार द्वारा

चाय विकास योजना के तहत लाभार्ती किसानो को द्वितीय किस्त के रूप मे पूर्व वर्ष मे लगाएं गए पौधो का 90 प्रतिशत पौधा जीवित रहने की स्थिति मे वित्तीय वर्ष 2024-25 मे प्रति हेक्टेयर शेष देय राशी का 25% भुगतान किया जाएगा। इस योजना का लाभ प्राप्त कर किसानो की आय मे वृद्धि होगी। और उनकी आर्थिक स्थिति मे सुधार होगा साथी ही चाय के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

अनुग्रह अनुदान योजना

बिहार चाय विकास योजना के बारे मे जानकारी

योजन का नामBihar Chai Vikas Yojana
आरम्भ की गईराज्य सरकार द्वारा
सम्बन्धित विभागकृषि विभाग।
राज्यबिहार
वर्ष2023-24
लाभार्थीचाय की खेती करने वाले किसान।
उद्देश्यचाय की खेती को बढ़ावा देने हेतु सब्सिडी प्रदान करना
सब्सिडी राशीप्रति हेक्टेयर का लागत पर 2.47 लाख रूपेय।
आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन।
ऑफिशियल वेबसाइटhttps://horticulture.bihar.gov.in/

Bihar Chai Vikas Yojana 2023-24 का उद्देश्य

बिहरा सरकार द्वारा आरम्भ की गई चाय विकास योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य मे चाय के क्षेत्र का विस्तार करना है। इसके लिए चाय की खेती करने वाले किसानो को सब्सिडी प्रदान की जाएगी। ताकि अनुदान प्रदान कर किसान चाय के उत्पादन मे नई तकनिकी का उपयोग कर सके। जिससे किसानो की आय मे वृद्धि होगी और उनकी आर्थिक स्थिति मे सुधार होगा। साथ ही राज्य मे चाय के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

किसानो को मिलेगी 2.47 लाख रूपेय की सब्सिडी

बिहार सरकार द्वारा चाय विकास योजना के तहत चाय की खेती करने वाले किसानो को इस योजना मे शामिल होने पर सब्सिडी दी जाएगी। बिहार सरकार उद्यान निदेशालय के अनुसार चाय के क्षेत्र मे विस्तार के लिए प्रति हेक्टेयर की लागत 4.94 लाख रूपेय निर्धारित की गई है। इस योजना के तहत किसानो को 50% (75:25) का अनुदान मिलेगा। अर्थात बिहार सरकार द्वारा राज्य के किसानो को प्रति हेक्टेयर की लागत पर 2.47 लाख रूपेय की सब्सिडी देगी। यह सब्सिडी राशी प्राप्त का उपयोग कर किसानो को चाय के उत्पादन मे वृद्धि करने मे सहायता मिलेगी।

पान विकास योजना

चाय विकास याजना इन हॉर्टिकल्चर यंत्रो पर दिया जाएगा अनुदान

चाय विकास योजना के तहत मौजूदा चाय बागान एंव अन्य क्षेत्र विस्तार के प्रवंध के लिए निम्नलिखित हॉर्टिकल्चर यंत्रो को किसानो को उपलब्ध कराया जाएगा। जिस पर किसानो को अनुदान दिया जाएगा। उपलब्ध कराय जाने वाले यंत्रो का विवरण निम्नलिखित है।

  • मकैनिकल हार्वेस्टर (Mechanical Harvester)- इस मशीन को वह इच्छुक किसान जो न्यूनतम 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) मे चाय की खेती कर रहे है उनको अनुदानित दर पर उपलब्ध करायी जाएगी। मैकेनिकल हार्वेस्टर के वास्तविक मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम 50,000 रूपेय दोनो मे से जो भी कम होगा। वह अनुदान किसानो को देय होगा।
  • प्रूनिंग मशीन (Pruning Machine)-  इच्छुक किसानो को प्रूनिंग मशीन न्यूनतम 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) मे चाय की खेती कर रहे हो को अनुदानित दर पर उपलब्ध करायी जाएगी। इस मशीन का विस्तविक मूल्य का 50% या अधिकतम 60,000 रूपेय दोनो मे से जो भी कम होगा उसी के अनुसार किसानो को अनुदान दिया जाएगा।
  • लीफ कलेक्शन शैड (Leaf Collection Shed)- इस मशीन को वह किसान जो न्यूनतम 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) मे चाय की खेती कर रहे है उन किसानो को सरकार द्वारा अनुदानित दर पर उपलब्ध करायी जाएगी। लीफ कलेक्शन शैड के वास्तविक मूल्य का 50% या अधिकतम 37,500 रूपेय दोनो मे से जो भी कम होगा उसी के अनुसार अनुदान दिया जाएगा।
  • प्लकिंग शियर (Plucking Shear)- प्लकिंग शियर मशीन अनुदानित दर पर उन किसानो को उपलब्ध करायी जाएगी। जो न्यूनतम 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) मे चाय की खेती कर रहे है इस मशीन का वस्तविक मूल्य का 50% या फिर अधिकतम 11000 रूपेय इन दोनो मे से जो भी कम होगा। अनुदान के रूप मे प्रदान किया जाएगा।
  • लीफ कैरेज व्हीकल (Leaf Carriage Vehicle)- यह मशीन उन किसानो को अनुमानित दर पर उपलब्ध करायी जाएगी। जो कम से कम 10 एंकड़ (4 हेक्टेयर) मे चाय की खेती कर रहे है इस मशीन के वास्तविक मूल्य का 50% अधिकतम 750,000 दोनो मे से जो भी कम होगा। तो उसके लिए अनुदान देय होगा।

बिहार चाय विकास योजना के लाभ एंव विशेषताएं

  • चाय विकास योजना को बिहार सरकार द्वारा आरम्भ किया गया है।
  • Chai Vikas Yojana के माध्यम से चाय की खेती करने वाले किसानो सब्सिडी राशी का लाभ दिया जाएगा।
  • राज्य सरकार द्वारा इस योजना के तहत किसानो को चाय की खेती का विस्तार करने के लिए 50 से 90% सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा।
  • सरकार किसानो को प्रति हेक्टेयर पर 2.47 लाख रूपेय की सब्सिडी प्रदान करेगी।
  • जो सीधे लाभार्थी किसानो के बैंक खाते मे डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
  • इस योजना का लाभ प्राप्त कर किसान आसानी से चाय की खेती कर सकेगें।
  • साथ ही किसान खेतो मे नई तकनीकी का उपयोग कर लाभ प्राप्त कर सकेगें।
  • यह योजना राज्य मे चाय की खेती को बढ़ावा देगी।
  • चाय विकास योजना के माध्यम से किसानो की आय मे वृद्धि होगी और उनकी आर्थिक स्थिति मे सुधार होगा।
  • योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान ऑनलाइन के माध्यम से आवेदन कर सकेगें।

बिहार कृषि यंत्र सब्सिडी

Chai Vikas Yojana 2023-24 की पात्रता

  • चाय विकास योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक बिहार राज्य का मूल निवासी होना चाहिए।
  • वह किसान जो न्यूनतम 5 एकड़ से 10 एंकड़ मे चाय की खेती कर रहे है वही किसान इस योजना मे आवेदन के लिए पात्र होगें।
  • केवल चाय की खेती करने वाले किसान ही इस योजना के लिए पात्र होगें।

चाय विकास योजना के लिए जरूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड
  • किसान कार्ड।
  • निवास प्रमाण पत्र।
  • आय प्रमाम पत्र।
  • कृषि सम्बन्धि दस्तवेज़
  • बैंक पासबुक।
  • मोबाइल नम्बर।
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो।

Bihar Chai Vikas Yojana 2023-24 के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया

बिहार राज्य के जो कोई भी किसान चाय विकास योजना के तहत आवेदन करना चाहते है तो वह निम्नलिखित प्रक्रिया का अनुसारण कर आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते है।

  • सर्वप्रथम आपको कृषि विकास योजना की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाना है।
  • वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम होम पेज खुलेगा।
Bihar Chai Vikas Yojana
  • होम पेज पर आपको Schemes के विकल्प पर क्लिक करना है।
  • अब आपके समक्ष बिहार सरकार की द्वारा चल रही सभी योजनाओं की सूची खुल जाएगी।
Bihar Chai Vikas Yojana
  • जिसमे आपको चाय विकास योजना मे आवेदन करने के विकल्प पर क्लिक करना है।
  • क्लिक करते ही आपके सामने चाय विकास योजना से सम्बन्धित विशेष बात आएगी।
बिहार चाय विकास योजना
  • आपको इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़कर टिक करन है और Agree and Continue के विकल्प पर क्लिक करना है।
  • क्लिक करने के बाद आपके सामने एक नया पेज खुलेगा।
बिहार चाय विकास योजना
  • इस पेज पर आपको आवेदन के प्रकार का चयन कर किसान पंजीकरण संख्या दर्ज करनी है।
  • इसके बाद आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक करना है।
  • क्लिक करने के बाद आपके सामने आवेदन फॉर्म खुल जाएगा।
  • अब आपके आवेदन फॉर्म मे पूछी गई सभी आवश्यक जानकारी को ध्यानपूर्वक दर्ज करना है।
  • अब आपको मागें गए सभी आवश्यक दस्तावेज़ो को दस्तावेजो को अपलोड करना है।
  • सभी जानकारी दर्ज करने देने के बाद आपको Submit के विकल्प पर क्लिक करना है।
  • आपको एक रशीद प्राप्त होगी। जिसे आपको प्रिंट कर अपने पास सुरक्षित रख लेना है।
  • इस प्रकार आप आसानी से चाय विकास योजना के तहत आवेदन कर सकते है। और लाभ प्राप्त कर सकते है।

सम्पर्क विवरण-

Helpline Number – 0612-2547772

FAQs

चाय विकास योजना को किसके द्वारा शुरू किया गया है?

चाय विकास योजना को बिहार सरकार द्वारा शुरू किया गया है।

Chai Vikas Yojana के तहत चाय की खेती करने पर कितने रूपेय की सब्सिडी का लाभ मिलेगा?

चाय विकास योजना के तहत चाय की खेती करने पर किसानो को राज्य सरकार द्वारा 2.47 लाख रूपेय की सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा।

बिहार सरकार द्वारा अनुदान राशी कितनी किस्तो पर दी जाएगी?

बिहार सरकार द्वारा शुरू की गई चाय विकास योजना के तहत अनुदान राशी दो किस्तो पर दी जाएगी।

उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड कहाँ है?

उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड का मुख्यालय गैरसैंण मे स्थापित किया जाएगा।

अल्मोड़ा चाय विकास बोर्ड की स्थापना कब हुई है?

चाय अधिनियम 1953 की धारा (4) के अनुसार 1 अप्रैल, 1954 को एक सांविधिक निकाय के रूप मे चाय बोर्ड की स्थापना की गई थी। शीर्ष निकाय के रूपे में, यह चाय उद्योग के समग्र विकास का ध्यान रखता है।

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