Yojana Labh

www.yojanalabh.com/

PM Matsya Sampada Yojana 2024: ऑनलाइन आवेदन, लाभ, पात्रता, PMMSY Form Pdf

PM Matsya Sampada Yojana:- मछली उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की शुरुआत 10 सितंबर 2020 में की गई थी। इस योजना के माध्यम से लोग मछली पालन कर अच्छी कमाई कर सकेंगे एवं अपनी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार ला सकेंगे। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से PM Matsya Sampada Yojana 2023 से जुड़ी संपूर्ण जानकारी जैसे उद्देश्य लाभ विशेषताएं पात्रता एवं आवेदन की प्रक्रिया स्पष्ट करने जा रहे हैं। पीएम मत्स्य संपदा योजना से जुड़ी संपूर्ण जानकारी प्राप्त करने हेतु हमारे इस लेख को विस्तार पूर्वक पढ़ें।



PM Matsya Sampada Yojana 2024

Table of Contents

PM Matsya Sampada Yojana 2024

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा 10 सितंबर 2020 को एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से Matsya Sampada Yojana को शुरू किया गया। ‌ पीएम द्वारा एक ट्वीट के माध्यम से कहा गया था कि इस योजना को आरंभ करने का मुख्य उद्देश्य है कि मछली पालन को देश में बढ़ावा दिया जाए। PM Matsya Sampada Yojana को आरंभ करने का मुख्य लक्ष्य है कि मछुआरों को रोजगार प्राप्त हो सके और देश में मछली पालन में वृद्धि हो सके। सरकार द्वारा इस योजना के सफलतापूर्वक कार्यान्वयन के लिए 20,050 करोड़ रुपए की धनराशि निर्धारित कर दी गई है। 2021 से 2025 तक सरकार का लक्ष्य है कि देश में मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा सके ताकि मछली पालकों की आय में वृद्धि हो और वह अपना जीवन यापन अच्छे से कर सकें।

  • इस योजना के माध्यम से 2025 तक अतिरिक्त 7000000 टन मछली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा जिससे मछुआरों की आय दोगुना होगी।
  • इस योजना के माध्यम से मत्स्य पालन क्षेत्र में अतिरिक्त 5500000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभकारी रोजगार के अवसर पैदा होंगे ‌
  • यदि आप भी PM Matsya Sampada Yojana के अंतर्गत लाभ उठाना चाहते हैं तो आपको जल्द से जल्द प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना

पीएम मत्स्य संपदा योजना के मुख्य तथ्य

इस योजना के तहत मुख्य तथ्य कुछ इस प्रकार हैं:-

योजना का नामपीएम मत्स्य संपदा योजना 2023
किसके द्वारा शुरू की गईप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा
आरंभ तिथि10 सितंबर 2020
योजना के लाभार्थीदेश के मछुआरे
योजना का उद्देश्यमत्स्य क्षेत्र को आगे बढ़ाकर मछुआरों की आय में वृद्धि करना
लक्ष्य70 लाख मैट्रिक टन मत्स्य क्षेत्र को आगे बढ़ाना
समय सीमा2021 से 2025 तक
मछुआरों की आए मैं कितनी वृद्धि 1 करोड़ तक
निर्धारित बजट20,050 करोड़ रुपये
आवेदन की प्रक्रियाऑनलाइन व ऑफलाइन
आधिकारिक वेबसाइटpmmsy.dof.gov.in

PM Matsya Sampada Yojana का उद्देश्य

जैसे कि हम सभी जानते हैं हमारे देश में मछली पालन का क्षेत्र बड़े पैमाने में ना होने पर देश के मछुआरों की आय कम है और ऐसे में उन्हें जीवन यापन करने में काफ़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा पीएम मत्स्य संपदा योजना का शुभारंभ किया गया है। इस योजना के माध्यम से देश में मछली पालन को बढ़ावा दिया जाएगा जिससे मछुआरों की आय में वृद्धि होगी और वह अपना जीवन यापन अच्छे से कर सकेंगे। इस योजना के माध्यम से देश के मछुआरे आत्मनिर्भर व सशक्त बनेंगे एवं अब उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

  • इस योजना के माध्यम से भोजन तैयार करने वाले हिस्से के विकास का विस्तार किया जाएगा।
  • देश में जीडीपी रोजगार और उद्यम का निर्माण इस योजना के माध्यम से किया जाएगा।
  • साथ ही साथ प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से बागवानी वस्तुओं की भारी बर्बादी कम होगी।

मत्स्य पालक 15 फरवरी तक कर सकते हैं आवेदन

हाल ही में ही हिसार जिले के मस्से अधिकारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य पालक किसान 15 फरवरी 2022 तक आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति व महिला वर्ग के लिए 60% एवं सामान्य वर्ग के लिए 40% की अनुदान व्यवस्था प्रदान की जाएगी। हिसार जिले के मत्स्य पालक 15 फरवरी तक अंत्योदय सरल पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं एवं इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। ‌ यदि आपको अन्य किसी प्रकार की जानकारी प्राप्त करनी है तो आप अपने नजदीकी ब्लू बर्ड हिसार स्थित मत्स्य विभाग में संपर्क कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री बीज ग्राम योजना

मत्स्य पालकों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी

हाल ही में ही हरियाणा के उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार जी के द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत अनेक प्रकार की वित्तीय सहायता मुहैया कराई जा रही है। और अब साथ ही साथ इन सभी मत्स्य पालकों को तकनीकी सहायता भी मुहैया कराई जाएगी। इस योजना के तहत तकनीकी सहायता में मछली पालन के लिए पट्टों पर गांव के तालाबों को प्राप्त करना, मछली संस्कृति इकाई के निर्माण के लिए लोन प्रशिक्षण आदि की व्यवस्था, तलाब स्थलों की मिट्टी एवं पानी की जांच, तलाब के अनुमान की तैयारी, गुणवत्ता वाले बीच और फीड की आपूर्ति, मछली के रोगों की जांच, मछली फसल काटने की मशीन तथा मछली परिवहन और वितरण आदि शामिल किए गए हैं।

  • कैप्टन द्वारा बताया गया कि इन विभिन्न गतिविधियों के लिए किसानों को वित्तीय सहायता मुहैया कराई जाएगी।
  • यह सहायता मौजूदा तालाबों और सूक्ष्म जल क्षेत्रों में मछली संस्कृति को बनाए रखने के लिए दि जा रही है।

आजमगढ़ में 77.408 लाख रुपये का बजट आवंटन हुआ

उत्तर प्रदेश में उपस्थित आजमगढ़ जिले के जिला अधिकारी राजेश कुमार ने कलेक्टर सभागार को मंगलवार यानी 21 दिसंबर 2021 को बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 77.408 लाख रुपये का बजट आवंटन किया गया है। साथ ही साथ जिला कलेक्टर द्वारा बताया गया कि भूमि पर तालाब निर्माण के लिए अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को चरण की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। जिला कलेक्टर द्वारा यह भी बताया गया है कि आवेदक को किसी भी प्रोजेक्ट को स्थापित करने के लिए निजी भूमि राजस्थान में कम से कम 10 वर्ष विवाद रहित होना चाहिए और लाभार्थी अंश की धनराशि व्यय करने में सक्षम होना चाहिए।

पटना में बनाया जाएगा ठोक मछली बाजार

सरकार द्वारा पटना में इस योजना के तहत एक बड़ा थोक मछली बाजार बनाने का निर्णय लिया गया है। जिसके लिए सरकार द्वारा 7 करोड़ रुपये का खर्च किया जाएगा। सरकार ने फुलवारी शरीफ में एनएफडीबी के अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही साथ सरकार द्वारा बताया गया है कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत व्यापारियों और ट्रक चालकों के लिए विश्राम गृह विकसित किया जाएगा और साथ ही साथ मछलियों को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज का निर्माण भी किया जाएगा।

नीमच जिले के मत्स्य पालक 15 नवंबर तक कर सकते हैं आवेदन

मध्यप्रदेश के नीमच जिले में प्रधानमंत्री मध्य संपदा योजना के तहत आवेदन मत्स्य विभाग द्वारा क्रियान्वित किए जा रहे हैं। इस योजना के माध्यम से विभिन्न सुविधाएं जैसे बीज उत्पादक हैचरी की स्थापना, निश्चित मत्स्य पालन, मछली पालन के लिए इनपुट्स की व्यवस्था, रियरिंग के लिए इकाई की स्थापना और साइकिल मछली बिक्री के लिए ई-रिक्शा रेफ्रिजरेटर वही कल सम्मिलित किए जाएंगे। इन सभी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए जिला के मत्स्य पालन मत्स्य उद्योग कार्यालय नीमच में 15 नवंबर तक आवेदन कर सकते हैं।

यूपी मत्स्य विभाग निगम ने गंगा में छोड़े सवा लाख मछलियों के बच्चे 

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 17 सितंबर 2021 को उत्तर प्रदेश मत्स्य विभाग निगम लिमिटेड द्वारा गंगा में सवा लाख मछलियों के बच्चों को छोड़ा गया। इस शुभ अवसर के दौरान विभाग द्वारा कहा गया कि गंगा नदी को निर्मल एवं स्वच्छ रखने के लिए यह कार्य जरूरी था। इस संरक्षण के लिए यह आवश्यक है कि नदी में शिकार करने वाले मछुआरे एक किलोग्राम से छोटी मछलियों का शिकार ना करें। मुख्य कार्यक्रम अधिकारी द्वारा कहा गया है कि मछुआरों से यह भी अनुरोध किया गया है कि प्रजनन काल जून से सितंबर तक गंगा नदी में भारतीय मेजर कप का शिकार ना करें।

आंध्रप्रदेश में बंदरगाह के निर्माण के लिए जारी हुए 150 करोड़ रुपये


25 सितंबर 2021 को केंद्रीय बंदरगाह राज्यमंत्री शांतनु ठाकुर जी के द्वारा एक क्रूज टर्मिनल के निर्माण की घोषणा की। इसी के साथ ही साथ मंत्री द्वारा कहा गया कि बंदरगाह ने PM Matsya Sampada Yojana के तहत एक मछली पकड़ने के बंदरगाह के निर्माण के लिए 150 करोड़ रुपए का निवेश किया। इस भारी रकम का उद्देश्य है कि मस्से क्षेत्र में विकास लाया जा सके ताकि राज्य के मछली पालक की आय में वृद्धि हो और वह अपना जीवन यापन अच्छे से करें।

प्रधानमंत्री ग्रामीण उजाला योजना 

झारखंड के मछुआरों को मिलेगा बिना प्रीमियम के 5 लाख रुपये का बीमा

झारखंड के मछली पालन करने वाले किसानों को भी प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत जोड़ा जाएगा। इस योजना के अंतर्गत राज्य के 160000 मछुआरों को बिना कवरेज इस योजना के तहत बीमा मुहैया कराया जाएगा। इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की आयु 18 से 70 वर्ष के भीतर होनी चाहिए। आवेदन करने के बाद अपंग होने पर व्यक्तियों को ₹500000 का बीमा राशि मुहैया कराई जाएगी और साथ ही साथ यदि कोई आंशिक अपंगता का शिकार है तो उसे ढाई लाख रुपए की बीमा राशि प्रदान की जाएगी। इस योजना का लाभ उठाने के लिए राज्य के मछली पालकों को किसी भी प्रकार का प्रीमियम का भुगतान नहीं करना होगा।

  • राज्य के वे सभी पात्रता रखने वाले मछली पालन किस योजना के तहत आवेदन करना चाहते हैं उन्हें मत्स्य कार्यालय में जाकर आवेदन करना होगा।
  • साथ ही साथ यदि आपको इससे संबंधित कोई भी कठिनाई आती है तो आप कार्यालय में जाकर संपर्क कर समस्या का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना 2023

भारत सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना को आरंभ करने का मुख्य लक्ष्य है कि मत्स्य क्षेत्र को बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सके ताकि देश में मछली उत्पादन को बढ़ावा मिले और मछुआरों की आय में वृद्धि हो सके। हमारे देश के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी के द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 20 करोड़ रुपए की सूचना दी गई थी। इस राशि में से लगभग 11,000 करोड़ रुपये समुद्री अंतर्देशीय मत्स्य पालन और जलीय कृषि में अभ्यास पर खर्च किए जाएंगे। और बाकी के 9,000 करोड़ रुपये एंग्लिंग हर्बल और कोल्ड चीन जैसे फाउंडेशन को ठीक करने के लिए वाहन किए जाएंगे। यदि आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो आपके पास तालाब एचडी फीडमिल क्वालिटी टेस्टिंग लैब आदि चीजों का होना अवश्य है।

  • PMMSY का लाभ उठाने के लिए आपको इन सभी चीजों के साथ साथ मछलियों के खाने-पीने पर ध्यान भी देना होगा।
  • राज्य सरकारों द्वारा इस योजना के नियम मछुआरों को सब्सिडी भी प्रदान की जाती है।

मछली पालकों को प्राप्त होंगे प्रति हेक्टेयर 7 लाख रुपये 

जैसे कि हम सभी जानते हैं हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा मछली उत्पादन के क्षेत्र को आगे बढ़ाने हेतु प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का शुभारंभ किया गया था। हाल ही में ही सरकार द्वारा बताया गया है कि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के मत्स्य पालकों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु सरकार द्वारा प्रति हेक्टेयर 7 लाख रुपये की सहायता राशि मुहैया कराई जाएगी। इस धनराशि को प्राप्त करने के बाद लाभार्थी आत्मनिर्भर बनेंगे और दूसरे लोग मत्स्य पालन के प्रति प्रोत्साहित होंगे। वर्तमान वित्तीय वर्ष यानी 2020-21 मैं उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के करीब 12 आवेदकों ने इस योजना के तहत आवेदन किया है।

  • PM Matsya Sampada Yojana के तहत अब प्रति हेक्टेयर 7 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त कर मत्स्य पालक आत्मनिर्भर व सशक्त बनेंगे।
  • साथ ही साथ वह अपने व्यवसायिक दायरे को मजबूत बना सकेंगे जिससे दूसरे लोग मत्स्य पालन के प्रति प्रेरित होंगे।

किसान क्रेडिट कार्ड योजना से जोड़ा जाएगा

मत्स्य पालकों को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने हेतु मत्स्य पालन विभाग द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड योजना से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। वह PM Matsya Sampada Yojana से जोड़ने के बाद अपनी आय को दोगुना कर पाएंगे जिससे उन्हें अपना जीवन यापन करने में किसी भी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही साथ जिला मत्स्य अधिकारी द्वारा बताया गया है कि जिला स्तरीय समिति द्वारा मत्स्य पालक को प्रति हेक्टेयर 2 लाख रुपये का लोन देने का ऐलान किया है। इस धनराशि को प्राप्त करने के बाद मत्स्य पालक लाभान्वित होंगे एवं आत्मनिर्भर बनेंगे।

मत्स्य पालन से जुड़े लाभार्थी 30 सितंबर तक कर सकते हैं आवेदन

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी के द्वारा मत्स्य पालन से जुड़े किसान और मत्स्य पालन करने वाले व्यक्तियों को एक बड़ी राहत प्रदान की गई है। अब राज्य के मत्स्य पालन से जुड़े लाभार्थी 30 सितंबर 2021 तक आवेदन कर मत्स्य संपदा योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना के तहत हितग्राहियों का चयन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। सरकार द्वारा इस योजना के तहत निर्माण संवर्धन, पूर्ण निर्माण, मत्स्य पालन के लिए इनपुट की व्यवस्था दी जाएगी। इस योजना के तहत मत्स्य पालन के लोग इंसुलेटेड वही कल मदद में मार्केटिंग फिश फीड मिल प्लांट बायोफ्लेक्स आदि का लाभ उठा सकते हैं।

गया जिले में मत्स्य संपदा योजना के तहत हुए 7 हजार आवेदन

बिहार के गया जिले में लोग मत्स्य संपदा योजना को लेकर जागरूक हो रहे हैं। अब तक इस योजना के तहत लगभग 7000 लोगों ने आवेदन किया है। ‌ सबसे ज्यादा आवेदन टिकारी प्रखंड के लोगों ने भरा है। मत्स्य संपदा योजना से संबंधित जानकारी पार्टी निषाद समाज द्वारा लोगों के घरों तक पहुंच रही है। इन सभी लोगों को मछली के कारोबार से जुड़ी जानकारी प्रदान की जा रही है। ‌ पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष द्वारा इस योजना के तहत लोगों के फॉर्म भरवाए गए हैं। 7000 लोगों ने इस योजना के तहत अभी तक फॉर्म निशुल्क भरवाए हैं। और यह फॉर्म पटना स्थित प्रधान कार्यालय में जमा करवाए गई हैं।

  • पटना स्थित प्रधान कार्यालय में फॉर्म का सत्यापन किया जाएगा।
  • सफलतापूर्वक सत्यापन के बाद इनफॉर्मर को आगे विभागों में भेजा जाएगा।
  • सफलतापूर्वक सत्यापन के बाद लोगों को इस योजना से जोड़ दिया जाएगा।

2523.41 लाख रुपये के प्रस्ताव को मिली मंजूरी

मत्स्य पालन के मंत्री पुरुषोत्तम रुपाली जी के द्वारा बताया गया कि सरकार द्वारा समुद्री शैवाल की खेती के लिए 2523.41 लाख रुपए के प्रस्तावों को मंसूरी प्रदान की गई। मंत्री जी के द्वारा बताया गया कि पहले मत्स्य विभाग ने आंध्रप्रदेश कर्नाटक महाराष्ट्र तमिलनाडु और संघ राज्यों के लिए यह मंजूरी प्रदान की गई थी परंतु चालू वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान अंडमान और निकोबार दीप समूह के साथ-साथ दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव के क्षेत्रों को भी इस खेती सैन्य मंजूरी प्रदान की गई है। मंत्री द्वारा बताया गया इसके साथ साथ कि आंध्र प्रदेश सरकार 6000 समुद्री शैवाल राफ्ट और 1200 मोनोलाइन ट्यूब स्थापित करने के लिए परियोजना प्रस्ताव प्राप्त हुआ है।

31 अगस्त 21 से पहले ही करें मत्स्य संपदा योजना में आवेदन

जैसे कि हम सभी जानते हैं मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को आरंभ किया गया है। इस योजना के माध्यम से मछुआरों की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार पैदा होगा। यदि आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो आपको बता दें कि पीएम मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2021 निर्धारित कर दी गई है। आपको इस योजना का लाभ उठाने के लिए 31 अगस्त से पहले पहले ही आवेदन करना होगा। आवेदन करने के लिए आपको इस योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन पत्र भरना होगा। आवेदन पत्र भरने के बाद आपको उसे सबमिट कर देना होगा। इस प्रकार आप PMMSY के तहत आसानी से आवेदन कर सकते हैं।

बिहार में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना

भारत सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधान मंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत राज्य सरकारों द्वारा अलग-अलग नियम जारी किए गए हैं। देखा जाए तो बिहार में पीएम मत्स्य संपदा योजना का लाभ लेने के लिए राज्य सरकार ने आवेदन मांगे हैं। बिहार राज्य के अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति एवं सभी वर्ग की महिलाओं के लिए लगभग लागत की 30% सब्सिडी का भुगतान किया जाएगा एवं अन्य श्रेणी में 25% सब्सिडी का भुगतान किया जाएगा। और इसके साथ-साथ राज्य के बैंकों द्वारा भी 60% का लोन दिया जाएगा। राज्य के जो भी व्यक्ति PMMSY का लाभ उठाना चाहते हैं तो उन्हें अपने राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा। बिहार सरकार द्वारा चालू वित्त वर्ष में 107 करोड रुपए की धनराशि कि मंजूरी कुछ प्रमुख घटकों के लिए दी है जो कि कुछ इस प्रकार हैं

  • री सर्कुलेटरी एक्वा कल्चर सिस्टम की स्थापना
  • जलीय कृषि के लिए बायो फ्लॉक तालाबों का निर्माण
  • फिनफीश हेचरी
  • जलिए कृषि के नए-नए तालाबों का निर्माण
  • अदरभूमियों मेट्रो की स्थापना
  • बर्फ के पौधे
  • आइस बॉक्स के साथ साइकिल
  • प्रशीतित वाहन
  • आइस बॉक्स के साथ मोटरसाइकिल
  • आइस बॉक्स के साथ तीन पहिया वाहन
  • मछली फीड पौधे
  • विस्तार और सहायता सेवाएं
  • ब्रुड बैंक की स्थापना

Components Of PMMSY

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के दो प्रमुख घटक कुछ इस प्रकार हैं:-

  • केंद्रीय क्षेत्र की योजना- इस घटक में PMMSY का पूरा खर्च केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
  • केंद्र प्रायोजित योजना- इस घटक के अनुसार 90% खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा और बाकी का 10% खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

PM Matsya Sampada Yojana का कार्यान्वयन

जैसे कि हम सभी जानते हैं कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई पीएम मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत देश में मछली पालन के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। इस योजना को आरंभ करने का मुख्य उद्देश्य है कि मछुआरों की आय में वृद्धि हो सके और देश में मत्स्य संपदा क्षेत्र को आगे बढ़ाया जा सके। इसलिए सरकार द्वारा Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana के सफलतापूर्वक कार्यान्वयन के लिए 20,050 रुपये की धनराशि निर्धारित कर दी गई है। इस योजना का लाभ लगभग 2 मिलियन पशुपालकों को वित्तीय वर्ष 2019-20 मैं प्रदान किया गया। सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 20 लाख मैट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। उम्मीद है कि सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य को जल्द ही पूरा किया जाएगा और पशुपालकों जिंदगी में काफी सुधार आएगा।

Covid-19 Schemes

मत्स्य संपदा योजना के तहत दिशा निर्देश

30 जून 2020 को संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत कुछ दिशानिर्देश जारी किए गए थे। योजना के तहत जारी किए गए दिशा-निर्देश कुछ इस प्रकार है:-

  • PMMSY के कार्यान्वयन के लिए क्लस्टर या क्षेत्र आधारित दृष्टिकोण का उपयोग किया जाएगा।
  • उत्पादन को बढ़ाने के लिए सर्किल अफ्रीका कल्चर सिस्टम बायो फ्लॉक केज कल्चर आदि जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
  • खारे पानी और खारे इलाकों में ठंडे पानी के विकास और जलीय कृषि के विस्तार पर विशेष ध्यान देना होगा
  • विभिन्न प्रकार की गतिविधियों जैसे समुद्री कृषि समुद्री शैवाल की खेती और सजावटी मत्स्य पालन को रोजगार के बड़े अफसर पैदा करने के लिए किया जाएगा।
  • साथ ही साथ जम्मू कश्मीर लद्दाख दीपू पूर्वोत्तर और प्रिया 10 जिलों में क्षेत्र विशिष्ट विकास योजनाओं के विकास के साथ मत्स्य पालन पर विशेष जोर दिया जाएगा।
  • मछुआरा और मछली किसानों की सौदेबाजी की शक्ति को बढ़ाने के लिए इस योजना का शुभारंभ किया गया है
  • पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत एक आम पाक को विविध मत्स्य के गतिविधियों के हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • इस योजना का उद्देश्य अनुसंधान और विस्तार सहायता सेवकों को मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग और आईसीएआर के साथ अपेक्षित अभिसरण बनाना है
  • इस योजना को आरंभ करने का मुख्य उद्देश्य है कि मछुआरों को वार्षिक आजीविका सहायता प्रदान की जा सके ताकि वह अपने जीवन यापन अच्छे से कर सकें।

पीएमएमएसवाई के लाभार्थी

इस योजना का कार्यान्वयन देश के मछुआरों के लिए किया गया है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत शामिल मछुआरे कुछ इस प्रकार हैं:-

  • मछुआरे
  • मछली किसान
  • मछली श्रमिक और मछली विक्रेता
  • मत्स्य विकास निगम
  • मत्स्य पालन क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह
  • उद्यमी और निजी फर्म
  • मत्स्य सहकारी समितियां
  • मछली किसान उत्पादक संगठन कंपनियां अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति महिलाएं विकलांग व्यक्ति राज्य सरकार
  • राज्य मत्स्य विकास बोर्ड
  • केंद्र सरकार और उसके संस्थाएं

ई समाधान योजना द्वारा मत्स्य समस्याओं का निवारण

महाविद्यालय के अध्यक्ष डॉक्टर बी पी सेन के मंत्री मुकेश सहानी द्वारा “ई समाधान योजना” का आरंभ किया गया | उन्होंने बताया कि मत्स्य संपदा योजना द्वारा मत्स्य किसानों की समस्याओं का समाधान होगा और उनकी आय में वृद्धि होगी तथा मछली पालन को बढ़ावा मिलेगा | इस महाविद्यालय द्वारा मत्स्य पालन और व्यवसाय में क्रांति परिवर्तन लाने हेतु उच्च शिक्षा दी जाएगीतथा महाविद्यालय में कोर्स कराया जाएगा और सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा | 

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लक्ष्य

मत्स्य संपदा योजना से हमारे देश का प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का लक्ष्य है कि मत्स्य उत्पादन में 70  लाख टन की अतिरिक्त वृद्धि तथा 2024 – 25 तक इससे होने वाली आय को लगभग एक करोड़ रुपए बढ़ाया जाए | तथा इससे होने वाला नुकसान 20% से घटकर लगभग 10% तक रह जाएगा | इससे एक और लक्ष्य यह भी है कि मत्स्य पालन के क्षेत्र तथा सहायक गतिविधियों में 55 लाख रोजगार के अवसर नागरिकों को प्राप्त हो सके | जिससे मत्स्य किसानों की आय में अत्यधिक वृद्धि होगी |

मत्स्य संपदा योजना का बजट

इस संपदा के अंतर्गत लगभग 21 राज्यों के प्रस्ताव आए थे सरकार द्वारा सही प्रस्ताव स्वीकार करके उन सभी के लिए 1681.32 करोड़ों रुपए का बजट निर्धारित किया गया है | जिससे मत्स्य  पालन में वृद्धि हो तथा किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आए | मछुआरों के जीवन यापन को उच्च करने तथा उनकी समस्याओं को समाप्त करने के लिए मत्स्य संपदा योजना द्वारा सरकार ने बड़ा योगदान दिया गया है |

PMMSY का आय पर प्रभाव

प्रधानमंत्री संपदा योजना द्वारा मछुआरों की आय पर जो प्रभाव देखने को मिले हैं वह निम्न है:-

  • इस योजना द्वारा सन 2019 में कृषि GVA के 7.28% से कृषि GVA के योगदान को  सन 2024 तक लगभग 9 % तक बढ़ाया जाएगा |
  • प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत 2024-25 तक लगभग 46589 करोड़ों रुपए से लगभग 1 करोड़ रुपए तक का निर्यात दोगुना हो जाएगी |
  • सन 2024 तक मछली उत्पादन को 137.58 लाख मैट्रिक टन से बढ़ाकर 220 मेट्रिक टन कर दी जाएगी |
  • मछलियों को 5 से 6 किलोग्राम से बढ़ाकर लगभग 12 किलोग्राम प्रति व्यक्ति किया जाएगा |
  • इस योजना द्वारा राष्ट्रीय औसत लगभग 3 टन प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 5 टन प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में सुधार लाया जाएगा | 

ई गोपाला ऐप

ई गोपाला ऐप को किसानों के लिए आरंभ किया गया था | इसके अंतर्गत रोगमुक्त जर्म्प्लाज्म को खरीदा और बेचा जा सकता है  | इसमें आयुर्वेदिक दवाइयों तथा विज्ञान चिकित्सक द्वारा पशुओं का उपचार किया जाएगा | इसके अंतर्गत पशुओं के पोषण के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रजन सेवाएं उपलब्ध होगी |

PM Matsya Sampada Yojana Benefits

इस योजना के तहत लाभ कुछ इस प्रकार है:-

  • इस योजना को केंद्र सरकार द्वारा देश के मछुआरों को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू किया गया है।
  • PM Matsya Sampada Yojana के अंतर्गत देश में मछली पालन क्षेत्र को आगे बढ़ावा दिया जाएगा।
  • देश के मछुआरे अब विभिन्न प्रकार के लाभ प्राप्त कर अपनी आय मैं वृद्धि प्राप्त कर सकेंगे।
  • इस योजना के माध्यम से मछुआरों की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार पैदा होगा।
  • प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से देश में मछली का उत्पादन बढ़ेगा।
  • सरकार द्वारा इसके सफलतापूर्वक कार्यान्वयन के लिए 20,050 करोड़ रुपए की धनराशि निर्धारित कर दी गई है।
  • सरकार ने PMMSY का शुभारंभ केवल 17000 करोड से ही किया है।
  • निर्धारित धनराशि का उपयोग सरकार द्वारा 2021 और 2025 तक किया जाएगा।
  • इस योजना के अंतर्गत मछली पालको को लाभ के साथ साथ रिस्क भी उठाना पड़ेगा।
  • मछली पालन के लिए लोगों को तालाब हेचडी फीडमिल क्वालिटी टेस्टिंग लैब की आवश्यकता पड़ेगी।
  • इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकारों द्वारा अलग-अलग नियम निर्धारित किए गए हैं।
  • यदि आप भी इस योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं तो आपको 31 अगस्त 2021 से पहले ही इस योजना के तहत आवेदन करना होगा।
  • आवेदन करने हेतु आप पीएम मत्स्य संपदा योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की विशेषताएं

इस योजना के तहत विशेषताएं कुछ इस प्रकार हैं:-

  • इस योजना की शुरूआत माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा 10 सितंबर 2020 को की गई थी।
  • हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा इसे एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आरंभ किया गया था।
  • साथ ही साथ पीएम द्वारा एक ट्वीट करके बताया गया था कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना  को आरंभ करने का मुख्य उद्देश्य है कि मछली पालन को बढ़ावा दिया जा सके।
  • यह योजना एक ब्लू रेसॉल्यूशन स्कीम के तौर पर कार्य करेगी‌।
  • इस योजना को आरंभ करने का मुख्य उद्देश्य है कि देश में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके।
  • ना केवल मत्स्य उत्पादन में बढ़ावा आएगा बल्कि मछुआरों की आय में भी वृद्धि होगी।
  • अब देश के मछुआरे अपना जीवन यापन अच्छे से कर सकेंगे एवं वे आत्मनिर्भर व सशक्त बनेंगे।
  • PMMSY के अंतर्गत सरकार द्वारा 2025 तक 70 लाख मीट्रिक टन उत्पादन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • सरकार का कहना है कि इस लक्ष्य को पूरा करने पर मछुआरों की आय में लगभग 1 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी आएगी।
  • इस योजना के सफलतापूर्वक कार्यान्वयन के लिए सरकार द्वारा 20,050 करोड़ रुपए की धनराशि निर्धारित कर दी गई है।
  • इस योजना के माध्यम से देश के मछुआरों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
  • यदि आप ही इस योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं तो आपको जल्द से जल्द इस योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने की अंतिम तिथि सरकार द्वारा 31 अगस्त 2021 निर्धारित कर दी गई हैं।
  • अंतिम तिथि से पहले पहले ही आप इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।
  • आवेदन करने के बाद आपको राज्य सरकारों द्वारा सब्सिडी मुहैया कराई जाएगी।
  • विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana के तहत अलग-अलग नियम निर्धारित किए गए हैं।

पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत पात्रता

इस योजना के तहत पात्रता कुछ इस प्रकार है:-

  • आवेदक भारत का स्थाई निवासी होना चाहिए।
  • उम्मीदवार मत्स्य पालन क्षेत्र का होना चाहिए।
  • आवेदक गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहा हो।

PM Matsya Sampada Yojana 2024 Application Procedure

देश के जो इच्छुक लाभार्थी प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत आवेदन करना चाहते हैं उन्हें नीचे दिए गए चरणों का पालन करना है:-

PM Matsya Sampada Yojana
  • वेबसाइट पर जाते ही आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • इस होम पेज पर आपको Application For Year 2022 के विकल्प पर क्लिक करना है।
  • क्लिक करने के बाद आपके सामने रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुलकर आएगा।
  • इस फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारी आपको ध्यान पूर्वक दर्ज करनी होगी।
  • सभी जानकारी ध्यानपूर्वक दर्ज करने के बाद आपको सबमिट के बटन पर क्लिक करना है।
  • इस प्रकार आप PM Matsya Sampada Yojana के तहत आवेदन कर सकते हैं।

गाइडलाइंस देखने की प्रक्रिया

वह व्यक्ति जो गाइडलाइंस देखना चाहते हैं उन्हें निम्नलिखित चरणों का पालन करना है:-

  • गाइडलाइंस देखने हेतु आपको मत्स्य संपदा योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • वेबसाइट पर जाते ही आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • इस होम पेज पर आपको Guidelines के विकल्प पर क्लिक करना है।
PM Matsya Sampada Yojana
  • करने के बाद आपके सामने एक नया पेज खुल कर आएगा।
  • इस पेज पर आपको विभिन्न प्रकार की गाइडलाइंस प्राप्त होंगी
  • आप अपनी आवश्यकता अनुसार इच्छुक गाइड लाइन पर क्लिक कर सकते हैं।
  • क्लिक करने के बाद आपके सामने पीडीएफ फाइल खुलकर आएगी।
  • इस फाइल को आप डाउनलोड के बटन पर क्लिक करके डाउनलोड भी कर सकते हैं।
PM Matsya Sampada Yojana Guidlines

डैशबोर्ड देखने की प्रक्रिया

वह व्यक्ति जो डैशबोर्ड देखना चाहते हैं उन्हें निम्नलिखित चरणों का पालन करना है:-

  • डैशबोर्ड देखने हेतु आपको मत्स्य संपदा योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • वेबसाइट पर जाते ही आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • इस होम पेज पर आपको Dashboard के विकल्प पर क्लिक करना है।
PM Matsya Sampada Yojana
  • क्लिक करने के बाद आपके सामने एक नया पेज खुल कर आएगा।
  • इस पेज पर आपको संबंधित डैशबोर्ड प्राप्त हो जाएगा।

Contact Information

इस योजना के तहत संपर्क विवरण कुछ इस प्रकार है:-

  • संपर्क करने हेतु आपको मत्स्य संपदा योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • वेबसाइट पर जाते ही आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • इस होम पेज पर आपको Contact Us के विकल्प पर क्लिक करना है।
PMMSY Contact Information
  • क्लिक करने के बाद आपके सामने एक नया पेज खुलकर आएगा
  • इस पेज पर आपको संपर्क सूची प्राप्त हो जाएगी।
  • दिए गए नंबर पर संपर्क करके आप अपनी समस्या का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण लिंक्स

इस योजना के तहत महत्वपूर्ण लिंक्स कुछ इस प्रकार है:-

Department of fisheriesLink
Government of IndiaLink
Department of animal husbandry and dairyLink
NFDBLink
MPEDALink
CAALink
FSILink

Leave a Comment